मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से बचें, मानव बुद्धि ही सबसे बेहतर: राज्यपाल डेका
पीएसवाय राष्ट्रीय संस्था द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान से संबंधित राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान प्रतियोगिता आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के बच्चों ने अपना हिस्सा लिया कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना रायपुर के छात्र-छात्राओं को भी राज्य में अपना स्थान बनाने में कामयाबी मिली, सम्मान समारोह रायपुर के शंकर नगर के लीमतरा ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन माननीय रमन डेका जी थे, विशिष्ट अतिथि के रूप में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्रीमान धरमलाल कौशिक जी एवं विधायक रायपुर श्रीमान पुरंदर मिश्रा जी भी उपस्थित थे। इसके अलावा सीबीएसई बोर्ड के रायपुर के रीजनल ऑफिसर श्री जगदीश वर्मन जी विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना रायपुर के प्रतियोगिता में विजयी विद्यार्थी – अश्लेसा बंजारे, हरगुण कौर, ताश्वी जैन, आन्या पटेल, दिव्यांषी शर्मा, समृद्धि छुते, आर्ष पाण्डे, आरव गर्ग, यथार्थ चैधरी एवं रौशन राजे पुरस्कृत किए गए। यह सभी विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे, इस अवसर पर कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना के डायरेक्टर राकेश मिश्रा इस प्रतियोगिता के प्रभारी श्री प्रेम सोनी, श्रीमती अमनदीप कौर, श्री विधान बक्शी छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक इस समारोह में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुए राज्यपाल माननीय रमन डेका जी ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है। आज जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होने कहा कि उनके समय में सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई होती थी, तथा मेहनत और लगन ही सफलता का आधार थी। आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के इस युग में सुविधाएं बढ़ी है, लेकिन विद्यार्थियों को अपनी मौलिक सोच और अध्ययन की आदत को बनाए रखना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज रायपुर के विमतारा आडिटोरियम में पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण 2026 के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे निर्मल और अमूल्य होती है, जिसे जीवनभर संजोकर रखना चाहिए। उन्होने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह हानिकारक है। मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक अध्ययन और उपयोगी कार्यों तक सीमित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में गूगल और एआई उपयोगी साधन है, लेकिन वे मानव बुद्धि का विकल्प नहीं बन सकते। जीवन में गूगल इफेक्ट नहीं होना चाहिए। सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रतिभा और रूचि को पहचानें तथा उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर बच्चा आईआईटी या मेडिकल के क्षेत्र में ही जाए, यह आवश्यक नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 में विद्यार्थियों की विविध प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए अनेक नए पाठ्यक्रम और विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। आज प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं है और नवाचार के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपने बड़े रखें। व्यक्ति किस पृष्ठभूमि से आता है, यह महत्तवपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और संकल्प ही उसका भविष्य तय करते है। उन्होंने कहा कि केवल सफल व्यक्ति ही खुश हो, यह आवश्यक नहीं है, बल्कि संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रहता है। परिवार, पडोसियों और मित्रों के साथ सौहार्द एवं शांति से जीवन जीना ही सच्ची सफलता है। राज्यपाल ने कहा कि आज यहां सम्मानित होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उसके माता-पिता के त्याग और गुरूजनों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरों से न करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशिष्ट होता है। उसे अंधी प्रतिस्पर्धा में धकेलने के बजाय उसकी रूचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। जब बच्चा अपनी पसंद के क्षेत्र में कार्य करता है, तभी उसकी उत्कृष्ट प्रतिभा निखरकर सामने आती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे चलकर आत्मनिर्भर भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, विधायक तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है। प्रत्येक विद्यार्थी का एक स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए और उस लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। शिक्षा पर जितना अधिक ध्यान दिया जाएगा, भविष्य उतना ही उज्जवल होगा।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पीएसवाय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संघ के निदेशक डाॅ. एस.के. मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अंत में मुख्य योजना समन्वयक पीएसवाय शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।



